Tuesday, February 1, 2011

पालनहार प्रभु ने मनुष्य की रचना दुख भोगने के लिए नहीं की है।

हमारे गुरु ने फिर से झण्डा उठाया है कि कुरान ही एकमात्र सत्य है, अब अगर ऐसे मे कोइ कुरान पर इमान न लाए तो उसके साथ क्या करना चाहिए? आप लोग तो समझदार हैं। कुरान साफ कहता है कि काफ़िरों का सफाया।


(http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/05/blog-post.html)

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